{"product_id":"ret-ki-machhali-hindi-paperback","title":"Ret Ki Machhali Hindi Paperback","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eलेखक सम्पूर्ण जीवन को अपनी रचना का विषय बनाता है, रचता है। ऐसे लेखक को फिर अपनी रचना का विषय बनाना एक विशेष प्रकार के अनुभव और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखता है। कान्ता भारती ने अपने इस उपन्यास ‘रेत की मछली’ में लेखकीय जीवन और उसके निकट परिवेश को मानवीय सन्दर्भों में रचने का प्रयास किया है। विदेशी साहित्यों में इस प्रकार की कई औपन्यासिक कृतियाँ प्रसिद्ध हुई हैं; हिन्दी में यह अनुभव-क्षेत्र अभी नया है, और विशेष सम्भावनाओं से संयुक्त है। कान्ता की यह कथा-कृति अपने ब्यौरों में कहीं निर्मम है तो कहीं सहानुभूतिपूर्ण भी, और इस मायने में जीवन के सही अनुपात को साधती है। पाठक यहाँ रचना की पृष्ठभूमि को रचना के रूप में पाकर एक नए अनुभव-संसार में प्रवेश करता है, जहाँ उसके लिए बहुत-सी उपलब्धियाँ सम्भव हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Jaipur Reads","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51886207598904,"sku":"978-9389742169","price":195.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0955\/7806\/3160\/files\/41SN-CnsMrL._SL1000.jpg?v=1773387243","url":"https:\/\/www.jaipursundaybookmarket.com\/products\/ret-ki-machhali-hindi-paperback","provider":"Jaipur Sunday Book Market","version":"1.0","type":"link"}